Sawan 2023 : सावन के अनसुने किस्से

Table of Contents

Sawan 2023: सावन कैसे और कब शुरू हुआ: एक अनोखा मौसम परिचय

सावन, जो हिंदी कैलेंडर के अनुसार वर्ष ऋतु का पहला महीना है, भारतीय संस्कृति और परिस्थितयों के लिए एक महत्तवपूर्ण मौसम है। ये मौसम प्रकृति की ख़ूबसूरती और ताज़ा हरा-भरा बदलाव लेकर आता है।  सावन का आगमन और उसकी शुरुआत हर साल अलग-अलग तारीखों से होती है।

सावन, जो वर्षा ऋतु का महीना है, विशेष रूप से भारत में एक अनोखा मौसम माना जाता है। इस महीने में घनेरे बादल, गरजे, चमकीली बिजली की चमक और बारिश के जल की लहर सभी तरफ दिखती है। सावन की शुरूआत और उसकी अन्य दिनांक तथा समय हर वर्ष बदलते रहते हैं।

Sawan 2023
Sawan 2023

Sawan 2023 : चलिए देखते हैं “सावन कैसे और कब शुरू हुआ”!

एक इतिहास दृष्टि सावन की शुरुआत और उसकी प्रकृति को समझने के लिए, हमें भारतीय मौसम वैज्ञानिक और पंचांग के अनुरूप सोचना चाहिए। वर्षा ऋतु की शुरुआत बड़ों की अनुभूति और इतिहास की कहानियों पर आधारित होती है। इसे समझते हैं:

Sawan 2023 : प्राचीन भारतीय कैलेंडर प्रणाली

प्राचीन भारत में पंचांग का प्रयोग मौसम की जानकारी और समय का नियम बनाने के लिए होता था। आज भी भारत में कई पंचांग प्रकाशित होते हैं, जिनमें मौसम, नक्षत्र, तिथि और अन्य  जानकारी होती है। सावन का आगमन भी पंचांग के आधार पर ही तिथियों और नक्षत्रों के अनुरूप होता है।

हिंदू पौराणिक कथाएं और सावन

हिंदू धर्म के अनुरूप, भगवान शिव के अनुयायिओं द्वारा सावन का आगमन बहुत ही पवित्र माना जाता है। कहा जाता है कि सावन माह में शिव भक्ति से भरे हुए भगवान शिव प्रसन्न होते हैं। ये महिना शिव भक्ति, व्रत, और पूजा के लिए समर्पित होता है।

आधुनिक कैलेंडर प्रणाली

आज की तारीख में, अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार भी वर्षा ऋतु का पहला महीना “जुलाई” को ही माना जाता है।

amazon
Visit at : https://amzn.to/46vZG2p

सावन की शुरुआत

सावन की शुरूआत हर साल अलग-अलग तारीखों से होती है। ये शुरू की प्रकृति प्रकृति के नियम और तथ्यों पर आधारित होती है। चलिए देखते हैं सावन की शुरुआत के कुछ प्रमुख तरीकों को:

मौसम विज्ञान और बारिश के प्रारम्भ का समय

सावन का आगमन मौसम विज्ञान के आधार पर पहचाना जा सकता है। जब गर्मी का मौसम ख़त्म होता है और तपमान ठंडा होने लगता है, तब घनेरे बादल दिखाते हैं और बिजली चमकती है। ये बादल और बिजली के संकेत सावन की शुरुआत का प्रतीक है।

हिंदी पंचांग और तिथियों की महत्तवपूर्ण भूमिका

भारतीय पंचांगों में तिथियां और नक्षत्रसावन का आगमन निर्धारित करते हैं। सावन की शुरुआत पूर्णिमा या अमावस्या के दिन हो सकते हैं। पूर्णिमा के दिन या अमावस्या के दिन से अगला दिन सावन शुरू होता है।

जांजगीर-चांपा की परंपरागत महिलाओं की प्रथा

जांजगीर-चांपा, छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध स्थानों में से एक है जहां सावन की शुरुआत में महिलाओं की एक पारंपरिक प्रथा के साथ मनया जाता है। यहां पर “सैर” नमक प्रथा में महिलाएं एक ध्वज या झांकी के साथ नगर के चौराहे से लेकर मंदिर तक सावन की यात्रा करती हैं। ये प्रथा हर साल सावन के पहले सोमवार को शुरू होती है।

सावन के लाभ और पर्व

सावन का आगमन मानव जीवन में प्रकृति से जुड़ा आनंद और सुख को लाता है। ये महिना वृक्षों और फसल के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण होता है। इस समय की बारिश फ़सलों के लिए अवसर है, जिसकी उन्नति होती है। सावन के पर्व और त्यौहार भी मनाये जाते हैं:

तीज त्यौहार

तीज त्यौहार सावन महीने में मनाया जाता है। इस दिन शादी-शुदा और कांवरी महिलाएँ भगवान शिव की आराधना करती हैं। तीज त्यौहार पर सुहागिन महिलाएँ व्रत रखती हैं और भगवान शिव की कृपा और मंगल सुख की कामना करती हैं।

रक्षाबंधन

सावन महीने का एक और प्रमुख त्यौहार है रक्षा बंधन। क्या बहन भाइयों को राखी बांधने से उनकी सुरक्षा की कामना होती है। ये त्यौहार भाई-बहनों के प्यार और मेल-जोल का प्रतीक है।

नाग पंचमी

नाग पंचमी भी सावन महीने में मनाया जाता है। क्या दिन नाग देवताओं की पूजा की जाती है और उनकी रक्षा की जाती है।

Sawan 2023
Sawan 2023

Sawan 2023: सावन के मौसम की अनोखी सजावत

सावन का मौसम अपनी अनोखी सजावट और ख़ूबसूरती के लिए मशहूर है। क्या समय प्रकृति अपने सबसे सुंदर रूप में खिलखिलाती है।

चलिए देखते हैं सावन के मौसम की कुछ अनोखी सजावट:

हरियाली और फूलों की वर्षा

सावन के मौसम में हरा-भरा वातावरण और फूलों की वर्षा देखने को मिलती है। पेड़ों पर नई पत्तियाँ निकल आती हैं और हरा-भरा रंग चढ़ जाता है। फूलों की खुशबू और उनकी अलबेली रंगत मन को भा जाती है।

बादल और बिजली का खेल

सावन के मौसम में घनेरे बादल और गरजती बिजली की चमक दृश्यों में आती है। बारिश के जल की लहरें हर तरफ दिखती हैं। बादलों की भारी घटाओं के नीचे घूमते हुए बारिश में नाचना और मस्ती करना सभी को खुशी देती है।

सूरज की चाँदनी का अंदाज़

सावन का मौसम सूरज की चमक और बारिश की बूंदें का अनोखा मेल देखा जाता है। जब बारिश होती है और सूरज की किरणें बादलों से गुजरती हैं, तबहरपाल बनती है। ये दृश्य हर किसी को मोह लेता है।

सावन के आनंद भरे गाने

सावन का मौसम गानों की बहार लेकर आता है। इस समय गांवों में सावन के महीने का जिक्र और प्यार भरे बोल होते हैं। किशोर कुमार, लता मंगेशकर और रफी जैसे महान गायकों ने सावन के गीतों से लोगों के दिलों को छुआ है।

गानो में सावन का रंग

सावन आया है,” “रिमझिम गिरे सावन,” और “भीगी भीगी रातों में” जैसे गाने हर साल सावन के आते ही फिर से प्रसिद्ध होते हैं। ये गाने लोगों को मौसम के आनंद का एहसास कराते हैं और उनकी बोली और संगीत से दिल को छू जाते हैं।

पूछे जाने वाले प्रश्न

Q1: सावन की शुरुआत का दिन कैसा होता है?
A1: सावन की शुरुआत पूर्णिमा या अमावस्या के दिन होते हैं।

Q2: सावन में किस त्यौहार का मनाया जाता है?
A2: सावन महीने में तीज त्यौहार मनाया जाता है।

Q3: क्या सावन माह में बारिश होती है?
A3: हां, सावन महीने में बारिश होती है।

Q4: सावन के मौसम में किस प्रकार की सजावट देखी जा सकती है?
A4: सावन के मौसम में हरियाली, फूलों की वर्षा, बादल, बिजली का खेल, और सूरज की चांदनी का अंदाज़ की सजावट देखी जा सकती है।

Q5: क्या सावन के गाने प्रसिद्ध होते हैं?
A5: हां, सावन के गाने प्रसिद्ध होते हैं। कुछ प्रमुख गानों में “सावन आया है,” “रिमझिम गिरे सावन,” और “भीगी भीगी रातों में” शामिल हैं।

Q6: सावन के मौसम में क्या अलग महत्व है?
A6: सावन के मौसम में प्रकृति की ख़ूबसूरती और हरा-भरा वातावरण का अनुभव होता है। इस समय की बारिश फ़सलों के लिए अवसर है और ये मौसम प्यार और आनंद से भरपूर होता है।

सावन, प्रकृति का अनोखा तोहफा है, जिसे हम हर साल आनंद से स्वागत करते हैं। इस मौसम में हर तरफ़ ताज़ा हरा-भरा रंग, घनेरे बादल, गरजते बिजली की चमक, और बारिश के जल की लहर देखने को मिलती है। सावन के मौसम में मनाए जाने वाले त्यौहार, व्रत, और गाने इस माहीने की ख़ूबसूरती को और बढ़ा देते हैं। ये मौसम प्यार और आनंद से भरा होता है।
तो क्या इंतज़ार है? चलो, इस सावन को ख़ुशी से स्वागत करें और इस अनोखे मौसम का आनंद उठाएँ!

Leave a Comment